साहिबाबाद : 2 अक्टूबर 2020 को लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा 1, स्वरुप पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद ज्ञानपीठ केन्द्र के प्रांगण में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का जन्म दिन समारोह “मानव मात्र में एकता, सद्भाव” दिवस के रूप में मनाया गया, समारोह में मुख्य वक्ता राम दुलार यादव शिक्षाविद समाजवादी चिन्तक ने महात्मा गाँधी के द्वारा देश, समाज की एकता के लिए किये गये कार्यों तथा आजादी की लड़ाई में उनके योगदान को विस्तार से बताया, शिक्षाविद मुकेश शर्मा ने भारत के द्वितीय प्रधानमन्त्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन के बारे में प्रकाश डाला, आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव ने किया, समाज सेविका बिन्दू राय ने “साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल” गीत प्रस्तुत किया, कार्यक्रम की अध्यक्षता संजू शर्मा जिला उपाध्यक्ष समाजवादी पार्टी महिला सभा ने किया| उपस्थित सभी भाई-बहनों ने महात्मा गाँधी, लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें स्मरण किया|
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष राम दुलार यादव ने कहा कि “भगवान महावीर, भगवान बुद्ध के बाद यदि किसी महा मानव ने मानवता के कल्याण के लिए तथा साम्राज्यवादी ताकतों को सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह, त्याग से उखाड़ने का कार्य किया वह राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी थे, जिनके विचार को सारा विश्व आदर व सम्मान देता है| उनका सत्य में अटूट विश्वास था उनका मानना था कि “मुझे दुनिया को कुछ नया नहीं सिखाना है सत्य और अहिंसा अनादि काल से चले आ रहे है| चंपारण में ब्रिटिश सरकार नील की खेती करने वालों का शोषण कर रही थी, सत्याग्रह द्वारा उनका शोषण मुक्त करवाया तथा किसानों के मन से डर-भय निकाल दिया कि अंग्रेज अजेय नहीं है, उन्होंने समाज के अन्तिम व्यक्ति का कैसे सर्वांगीण विकास हो, कैसे उन्हें अधिकार मिले प्रयासरत रहे, छुवाछूत के विरुद्ध मलिन बस्तियों में, बाल्मीकि भाइयों की बस्तियों में जाकर सफाई अभियान चलाया तथा अस्पृश्यता के विरुद्ध लड़ाई लड़ी, महिलाओं के लिए वह चिंतन करते कि “मानव जाति में महत्वपूर्ण नारी जाति का पुरुषों द्वारा अमानवीय व्यवहार और प्रताड़ना आघातजनक और पाशविक है, उन्होंने कहा कि “स्त्री अबला नहीं है” तथा कहा कि स्त्री पुरुषों से इसलिए श्रेष्ठ है कि “वह त्याग, नम्रता, श्रद्धा, ज्ञान और चुप-चाप कष्ट सहन करने की साक्षात् मूर्ति है|
आज हमारी बेटियों के साथ जो पशुता का व्यवहार हो रहा, दरिन्दगी, जिन्दा जला देना, रात्रि में दाह संस्कार कर देना, गाँधी जी की आत्मा रोती होगी कि हमने इसलिए सहयोगियों के साथ मिलकर भारत की आजादी के लिए कष्ट झेले थे कि, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक दृष्टि से कमजोर वर्गों के साथ अमानवीय व्यवहार उनकी ही चुनी हुई सरकार में होगा| बहन, बेटियों की इज्जत, आबरू सुरक्षित नहीं रहेगी| गाँधी जी ने कभी सोचा नहीं होगा कि किसानों, मजदूरों के शोषण में तथा पूंजीपतियों, बड़े व्यापारियों के हित में सरकारे कानून बनाकर किसानों, मजदूरों को बंधुवा मजदूर बनाने का कार्य करेगी| गाँधी जी का मानना था कि जब भारत स्वतंत्र होगा तब यहाँ का सबसे कमजोर से कमजोर व्यक्ति को यह एहसास होगा कि यह मेरा देश है, हम देश में गरिमा पूर्ण जीवन जी सकते है तब तो स्वतंत्रता का कोई मतलब है, लेकिन आज गाँधी जी के सिद्धांतों को तिलान्जलि दी जा रही है| नाम गाँधी का लेते है कार्य और आचरण विपरीत करते है| वर्तमान केन्द्र सरकार में हर वर्ग पीड़ा महसूस कर रहा है| चाहे किसान, मजदूर, व्यापारी, छात्र, बेरोजगार, नवजवान सब परेशान है|
भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयन्ती पर उन्हें स्मरण किया गया तथा वे एक ईमानदार, निष्ठावान, देशप्रेमी, जन-जन के प्रेरणा स्रोत रूप उन्हें पुष्पांजलि चित्र पर पुष्प अर्पित कर की तथा उन्होंने कहा कि “जय जवान, जय किसान” भारत को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने की पहल की, जिन मूल्यों की स्थापना महात्मा गाँधी जी, लाल बहादुर शास्त्री जी, ने किया, आज वह तार-तार हो गयी, लोकतंत्र की दीवारें दरक रही है महात्मा गाँधी जैसे महापुरुष की आज भारत को अतिआवश्यकता है जो आजादी, लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा कर सके|
कार्यक्रम में 5 मिनट का मौन रखकर उत्तर प्रदेश में हो रही बेटियों से दरिंदगी, अमानवीय व्यवहार, हाथरस की बेटी की जीभ काट देना, हत्या कर देना, उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराधों के लिए निन्दा की गयी तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध क़ानूनी कार्यवाही शीघ्रातिशीघ्र करने की मांग की गयी|
कार्यक्रम में सफाई कर्मी की उत्कृष्ट सेवा को ध्यान में रखते हुए विनोद बाल्मीकि को सम्मानित किया गया, समाज सेविका बिन्दू राय ने 501/= रुपये नकद प्रदान किया, तथा माल्यार्पण कर सम्मानित किया|
वैश्विक महामारी कोरोना को ध्यान में रखते हुए रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के किए आयुष कवच भी वितरित किया| भगवान बुद्ध नि;शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय में भी गाँधी जयन्ती का आयोजन कर पुष्पांजलि दी गयी|
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल रहे राम दुलार यादव, मुकेश शर्मा, संजू शर्मा, बिन्दू राय, इंजी0 धीरेन्द्र यादव, वीर सिंह सैन, हीरा लाल सैन, रेनुपुरी, मीना कुमारी ठाकुर, विजय भाटी, शारदा सिंह, गूंजा सिंह, पिंकी, शालू, सेविका, रक्षा, संचित, उर्मिला, शोभा देवी, रोशन, रविंदर यादव, पूनम तिवारी, विजय मिश्र, देव नाथ भारती, विनोद बाल्मीकि, भीम सिंह रावत, एम0 एल0 शर्मा, किशोरी लाल, अमृतलाल चौरसिया, नीरज चौहान, सुरेन्द्र चौहान, नरेन्द्र निर्वाण, अरविन्द निर्वाण, सविता श्रीवास्तव, जया रावत, सोनी तरियाल, हिमांशु, डोली, मुकेश, गजराज, मनोज, अशोक, प्रेमचन्द पटेल, केदार सिंह, अंकित राय, राजीव गर्ग, हरिशंकर यादव, हाजी मो0 सलाम, हरीकिसन, पप्पू, अखिलेश शुक्ला, सुभाष यादव आदि|
0 टिप्पणियाँ